श्री पूर्णानन्द इंटर कॉलेज के छात्र आदित्य ने राज्य स्तरीय विज्ञान प्रीमियर लीग में प्रदेश में पाया प्रथम स्थान।
समिति के अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार गुप्ता ने मेधावी छात्र को किया सम्मानित, कहा— "आदित्य की उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है।


मुनि की रेती / ऋषिकेश:
माँ गंगा के पावन तट पर स्थित, परम पूज्य परमहंस स्वामी पूर्णानंद जी महाराज की पवित्र तपस्थली एवं स्वामी जनार्दन जी महाराज द्वारा स्थापित प्रतिष्ठित श्री पूर्णानन्द इंटर कॉलेज के प्रांगण में आज एक विशेष सम्मान समारोह का गरिमामयी आयोजन किया गया। यह समारोह विद्यालय में कक्षा 11 के मेधावी छात्र आदित्य की ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ। आदित्य ने उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित ‘राज्य स्तरीय विज्ञान प्रीमियर लीग’ में पूरे उत्तराखंड में प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय और क्षेत्र का मान बढ़ाया है।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री पूर्णानंद विद्या निकेतन समिति के अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार गुप्ता उपस्थित रहे। उन्होंने आदित्य को मेडल, प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। अपने ओजस्वी संबोधन में अध्यक्ष श्री गुप्ता ने छात्र की विलक्षण प्रतिभा की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि आदित्य ने अपनी कड़ी मेहनत और मेधा से पूरे प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त कर अपनी क्षमता का लोहा मनवाया है। उन्होंने उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को सफलता के व्यावहारिक सूत्र सिखाए और शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन की सराहना की। स्टाफ का उत्साहवर्धन करते हुए उन्होंने आत्मीय भरोसा दिलाया कि विद्यालय के विकास और शिक्षकों के कल्याण के लिए वे सदैव परिवार की भाँति कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अजीतपाल सिंह ने अध्यक्ष महोदय के निरंतर सहयोग, स्नेह और मार्गदर्शन के लिए उनका आभार प्रकट किया। प्रधानाचार्य ने कहा कि आदित्य की यह उपलब्धि पूज्य गुरुदेव श्री गुरु प्रसाद जी एवं आदि गुरुओं के संचित आशीर्वाद और प्रेरणा का प्रतिफल है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विद्यालय परिवार पूज्य गुरुओं के दिखाए सत्य, निष्ठा और ज्ञान के पथ पर अग्रसर रहते हुए भविष्य में भी सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करता रहेगा।
इस अवसर पर छात्र के मार्गदर्शक शिक्षक श्री कुलदीप बिष्ट, श्रीमती प्रतिभा पंवार सहित समस्त शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।



