मधुबन आश्रम पहुंचे पद्म भूषण भगत सिंह कोश्यारी, चारधाम एवं हेमकुंड यात्रियों को दिया सेवा और स्वच्छता का संदेश।






बाइट:– उत्तराखंड के वरिष्ठ राजनेता, पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व महाराष्ट्र राज्यपाल एवं हाल ही में पद्म भूषण से सम्मानित भगत सिंह कोश्यारी।
ऋषिकेश/मुनिकीरेती। उत्तराखंड के वरिष्ठ राजनेता, पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व महाराष्ट्र राज्यपाल एवं हाल ही में पद्म भूषण से सम्मानित भगत सिंह कोश्यारी का आज मुनिकीरेती स्थित मधुबन आश्रम में आगमन हुआ। उनके आगमन पर आश्रम प्रबंधन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं क्षेत्रवासियों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया।
भगत सिंह कोश्यारी को वर्ष 2026 में भारत सरकार द्वारा सार्वजनिक जीवन, शिक्षा, पत्रकारिता एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक योगदान के लिए देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। वे उत्तराखंड के दूसरे मुख्यमंत्री, सांसद तथा महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे चुके हैं।
इस अवसर पर कोश्यारी ने चारधाम यात्रा एवं हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शुभकामनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र है। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखें, पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें तथा स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करें।
उन्होंने कहा कि चारधाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मिक शुद्धि और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का भी संदेश देती है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन, स्वयंसेवी संस्थाओं और सेवा भाव से कार्य कर रहे लोगों की सराहना करते हुए कहा कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
मधुबन आश्रम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा उत्तराखंड के विकास, पर्यटन और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण को लेकर उनके विचारों को सुना। कार्यक्रम का समापन देश, प्रदेश और सफल चारधाम यात्रा की मंगलकामना के साथ हुआ।



