गंगा किनारे नियमों की धज्जियां, शिकायत करने वाले पत्रकार का नंबर ब्लॉक! आखिर किसके संरक्षण में चल रहा निर्माण?
ऋषिकेश। मुनि की रेती-ढालवाला क्षेत्र स्थित रामझूला पार्किंग के समीप गंगा नदी के 50 मीटर दायरे में कथित रूप से बिना सिंचाई विभाग की NOC के बहुमंजिला इमारत का निर्माण कार्य दिनदहाड़े जारी है। स्थानीय लोगों और जागरूक नागरिकों का आरोप है कि निर्माण कार्य खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं।
मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब इस अवैध निर्माण की सूचना उपजिलाधिकारी को देने वाले एक पत्रकार का फोन नंबर ही ब्लॉक कर दिया गया। सवाल यह उठता है कि यदि शिकायत करने वालों की आवाज ही दबा दी जाएगी, तो फिर आम जनता अपनी शिकायत किसके सामने रखे?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गंगा किनारे निर्माण को लेकर स्पष्ट नियम और पर्यावरणीय मानक तय हैं। इसके बावजूद यदि बिना NOC और अनुमति के बहुमंजिला निर्माण हो रहा है, तो यह प्रशासनिक लापरवाही ही नहीं बल्कि नियमों की खुली अनदेखी भी है।
लोगों का कहना है कि एक ओर मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami प्रदेश में भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों पर सख्ती का संदेश दे रहे हैं तथा विकास और पारदर्शिता की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ अधिकारी सरकार की छवि को धूमिल करने में लगे हुए दिखाई दे रहे हैं। जनता के बीच यह चर्चा तेज है कि यदि प्रशासनिक अधिकारी शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय शिकायतकर्ताओं से दूरी बनाने लगें, तो फिर “जनसुनवाई” और “पारदर्शी शासन” जैसे दावे केवल कागजी बनकर रह जाएंगे।
क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, निर्माण कार्य की वैधता की जांच हो तथा यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो तत्काल निर्माण पर रोक लगाई जाए। साथ ही शिकायतकर्ता पत्रकार का नंबर ब्लॉक करने के मामले की भी जांच होनी चाहिए ताकि लोकतंत्र में सवाल उठाने वालों की आवाज को दबाने की परंपरा पर रोक लग सके।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में कार्रवाई करता है या फिर गंगा किनारे नियमों की अनदेखी इसी तरह जारी रहेगी।



