

ऋषिकेश, 8 अक्टूबर 2025 — विश्वप्रसिद्ध तीर्थनगरी ऋषिकेश में गंगा की पवित्र धारा एक बार फिर मानव लापरवाही की चपेट में आ गई है। चंद्रभागा नदी, जो आगे जाकर गंगा में मिलती है, इन दिनों टेंट संचालकों की गतिविधियों के कारण प्रदूषण की मार झेल रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, नदी किनारे लगे कई टेंट संचालक अपनी टाट पट्टियों और कपड़ों को सीधे नदी के पानी में धो रहे हैं, जिससे गंगा में जाने वाला जल दूषित हो रहा है।
यह स्थिति चिंताजनक इसलिए है क्योंकि राज्य और केंद्र सरकार गंगा को स्वच्छ रखने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही हैं। “नमामि गंगे” जैसी योजनाओं के बावजूद, इस तरह की लापरवाह गतिविधियाँ गंगा की स्वच्छता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रही हैं।
स्थानीय पर्यावरणप्रेमियों और निवासियों का कहना है कि प्रशासन को इस पर तुरंत सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि टेंट संचालकों को नदी के पास इस तरह की गतिविधियों से रोका जाए और प्रदूषण फैलाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
पर्यावरण विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह के प्रदूषण से न केवल गंगा का जल दूषित होता है, बल्कि जलीय जीव-जंतुओं और आसपास के पारिस्थितिक तंत्र पर भी गंभीर असर पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि वह मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करे और नदी किनारे स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए, ताकि गंगा की पवित्रता और स्वच्छता बनी रहे।



