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नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जोंक में ट्रक से छोड़े गए गोवंश, स्थानीय पार्षदों ने जताया विरोध।

 

 

जीतू अवस्थी वार्ड नंबर 2 से स्थानीय लोग।

ऋषिकेश। नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जोंक क्षेत्र में शनिवार को एक ट्रक में लाए गए गोवंशों — जिनमें सांड, गाय और बछड़े शामिल थे — को संदिग्ध परिस्थितियों में टेचिंग ग्राउंड (कूड़ा डंपिंग स्थल) के पास छोड़े जाने का मामला सामने आया है।

 

 

ट्रक संचालक टीम के सदस्य।

जानकारी के अनुसार, यह ट्रक हरिद्वार के गेंडीखाता गोशाला से राजाजी नेशनल पार्क के रास्ते होते हुए गुजर रहा था। जब स्थानीय पत्रकारों को ट्रक की गतिविधि संदिग्ध लगी, तो उन्होंने ट्रक को रोककर जांच की। जांच में यह प्रक्रिया संदेहास्पद पाई गई और चालक दल के रवैये पर भी संदेह उत्पन्न हुआ।

 

मौके पर जब लोगों ने विरोध जताया, तब ट्रक चालक ने ट्रक को टेचिंग ग्राउंड, स्वर्गाश्रम की ओर मोड़ दिया और वहां सभी 22 गोवंशों को कूड़े के ढेर के पास छोड़ दिया।

स्थानीय पार्षद विकास भंडारी।

स्थानीय पार्षदों ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है कि टेचिंग ग्राउंड के पास गोवंशों को छोड़ दिया जाता है, जिससे वे प्लास्टिक और गंदगी खाकर बीमार या मृत हो जाते हैं।

 

पत्रकारों द्वारा जब इस संबंध में नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जोंक के अधिशासी अभियंता दीपक शर्मा से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि “हमारी ओर से किसी को भी टेचिंग ग्राउंड में गोवंश छोड़ने की अनुमति नहीं है।” हालांकि, ट्रक चालक और ठेकेदार कर्मचारियों ने उनके निर्देशों की अवहेलना करते हुए सभी गोवंशों को वहीं छोड़ दिया।

 

इस घटना पर स्थानीय पार्षदों ने कड़ी आपत्ति जताई और ठेकेदार के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि नगर पंचायत प्रशासन ने ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की, तो वे जनसहयोग से आंदोलन करेंगे और पूरे नगर क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन करेंगे।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि गोवंश संरक्षण की बात केवल कागजों तक सीमित रह गई है, जबकि वास्तविकता में उन्हें गंदगी के ढेर में छोड़ दिया जा रहा है, जो न केवल अमानवीय है बल्कि नगर की छवि पर भी धब्बा है।

 

📍रिपोर्ट — मनीष शर्मा, ऋषिकेश।

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